पटना | 7 अप्रैल 2026
पटना नगर निगम ने मानसून की आहट और आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण को देखते हुए अपनी तैयारियों को युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है। शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने, जलजमाव से निपटने और भीषण गर्मी में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निगम मुख्यालय ने सभी छह अंचलों को कुल 2,61,68,068 रुपये की राशि आवंटित की है।
नगर निगम द्वारा जारी बजट का सबसे बड़ा हिस्सा, यानी 2.25 करोड़ रुपये, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में लगे वाहनों के रखरखाव के लिए दिया गया है। इसमें जेसीबी, हाईवा और टीपर जैसे वाहनों की सर्विसिंग, टायर-ट्यूब, लुब्रिकेंट और बैटरी की खरीद शामिल है।
निगम ने स्पष्ट किया है कि वाहनों की कमी के कारण सफाई कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। सभी कार्यपालक पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे खर्च की गई राशि का साक्ष्य सहित उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) अनिवार्य रूप से जमा करें।
मानसून से पहले जलजमाव की समस्या को कम करने के लिए प्रत्येक अंचल को 1-1 लाख रुपये नाला उड़ाही के लिए आवंटित किए गए हैं। इसके तहत:
* नालों से सिल्ट (गाद) का उठाव।
* मैनहोल की मरम्मत और सफाई।
* मच्छरों के प्रकोप को रोकने के लिए एंटी-लार्वा छिड़काव।
वहीं, भीषण गर्मी (हीट वेव) को देखते हुए सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल की व्यवस्था और अन्य आपातकालीन कार्यों के लिए प्रत्येक अंचल को 5-5 लाख रुपये का कंटिन्जेंसी फंड दिया गया है।
वाहनों के खराब होने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यालय ने अब अंचलवार सघन जांच शुरू कर दी है। उप नगर आयुक्त की निगरानी में एक टीम जेसीबी, पोकलेन और सुपर सकर जैसे भारी वाहनों की भौतिक स्थिति की जांच कर रही है।
अब प्रत्येक अंचल को प्रतिदिन जीपीएस युक्त फोटो के साथ अपनी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजनी होगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वाहन वास्तव में फील्ड पर काम कर रहे हैं।
निगम प्रशासन का मानना है कि समय पर बजट आवंटन और एजेंसियों को भुगतान होने से कार्यों में तेजी आएगी। इससे न केवल शहर की स्वच्छता रैंकिंग में सुधार होगा, बल्कि मानसून के दौरान शहरवासियों को गंदगी और जलजमाव की समस्या से भी राहत मिलेगी।
