Tuesday, March 17, 2026
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मोतिहारी एनकाउंटर: लंबे समय बाद आमने-सामने की बड़ी कार्रवाई, दो अपराधी ढेर, STF जवान शहीद

मोतिहारी, बिहार | 17 मार्च 2026

मोतिहारी जिले में सोमवार देर रात पुलिस और अपराधियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ ने पूरे राज्य का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस एनकाउंटर में दो कुख्यात अपराधी मारे गए, जबकि स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का एक जवान शहीद हो गया। लेकिन इस घटना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि काफी समय बाद बिहार में इस तरह का आमने-सामने का सीधा एनकाउंटर देखने को मिला है, जिसने कानून-व्यवस्था पर नई बहस छेड़ दी है।

लंबे समय बाद आमने-सामने की बड़ी कार्रवाई

काफी समय बाद का अपराधियों के साथ इस तरह का सीधा आमना-सामना हुआ है, जिसमें STF ने निर्णायक कार्रवाई करते हुए अपराधियों को मौके पर ही ढेर कर दिया। यह सिर्फ एक एनकाउंटर नहीं, बल्कि पुलिस की तत्परता, रणनीति और खुफिया तंत्र की सक्रियता का स्पष्ट संकेत है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इसी तरह की गंभीरता और निरंतरता पूरे राज्य में बनी रहती है, तो अपराधियों के मनोबल को तोड़ने में बड़ी सफलता मिल सकती है। इस तरह की कार्रवाई न केवल अपराधियों में भय पैदा करती है, बल्कि आम जनता में सुरक्षा का भरोसा भी मजबूत करती हैं ।

ये करवाई कही न कहीं शुरुआती मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल (2005–2015) की याद दिलाता है, जब सख्त पुलिसिंग, त्वरित कार्रवाई और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के कारण बिहार में कानून-व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला था।

यह मुठभेड़ जिले के चकिया थाना क्षेत्र के बुलाचक रामडीह गांव के समीप सिहोर्वा गांव में रात करीब 2:30 बजे हुई। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं।

सूचना मिलते ही STF और स्थानीय पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से इलाके की घेराबंदी की। पुलिस के पहुंचते ही अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला। दोनों ओर से चली गोलियों के बीच मुठभेड़ काफी देर तक चली।

इस मुठभेड़ में दो अपराधी कुंदन ठाकुर, प्रियांशु दुबे मौके पर ही मारे गए। जबकि STF के जवान श्री राम यादव शहीद हो गए, जिन्हें गोली लगने के बाद अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

बताया जा रहा है कि मारे गए दोनों अपराधी चकिया क्षेत्र के रहने वाले थे और कई आपराधिक मामलों में वांछित थे। एनकाउंटर के बाद पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाकर 1 कार्बाइन, 2 पिस्टल, 2 कट्टा,वो5 जिंदा कारतूस, 17 खोखा बरामद किए।

घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पुलिस अन्य संभावित अपराधियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

मोतिहारी का यह एनकाउंटर सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि बिहार में कानून-व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। अगर इसी तरह की सख्ती और निरंतरता बनी रही, तो आने वाले समय में अपराधियों के खिलाफ निर्णायक बढ़त हासिल की जा सकती है। वहीं, एक बहादुर जवान की शहादत इस सफलता के साथ जुड़ा हुआ एक भावुक और गर्व का क्षण भी है।

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