पटना। बहुचर्चित NEET छात्रा रेप-मौत मामले में बड़ी कानूनी कार्रवाई सामने आई है। शंभू गर्ल्स हॉस्टल बिल्डिंग के मालिक और इस मामले के मुख्य आरोपी मनीष रंजन को फिलहाल राहत नहीं मिली है। अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है, जिसके बाद वे बेउर जेल में ही बंद रहेंगे।
मामले की सुनवाई ADJ-6 Court Patna में चल रही थी। पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। बुधवार को जज ने ओपन कोर्ट में अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी की बेल याचिका खारिज कर दी।
पीड़ित पक्ष के वकील एस.के. पांडेय ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया हैं कि अदालत ने खुले कोर्ट में जमानत खारिज करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि अभी फैसले की लिखित कॉपी नहीं मिली है, इसलिए विस्तृत कानूनी बिंदुओं की जानकारी आदेश की प्रति मिलने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
करीब 20 दिनों से चल रही थी सुनवाई
जानकारी के अनुसार, बेउर जेल में बंद आरोपी मनीष रंजन की जमानत याचिका पर लगभग 20 दिनों से यानी होली के पहले से सुनवाई चल रही थी। जांच में शामिल केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और विशेष जांच दल (SIT) की ओर से भी अदालत में पक्ष रखा गया था कि उन्हें आगे मनीष रंजन से कोई पूछताछ करने की आवश्यकता नहीं है। उसे जमानत मिल जानी चाहिए।
लेकिन पीड़ित पक्ष के वकीलों ने जमानत का कड़ा विरोध किया और मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को राहत न देने की मांग की।
हाईकोर्ट के फैसले का दिया गया हवाला
पिछली सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष के वकील ने पटना हाईकोर्ट की फुल बेंच के एक फैसले का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया था। इस पर आरोपी पक्ष के वकील ने आपत्ति भी जताई थी।
कोर्ट परिसर में भावुक हुईं छात्रा की मां
पिछली तारीख के सुनवाई के दौरान पीड़िता की मां भी अदालत पहुंची थीं। उन्होंने जांच एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि इस मामले में CBI और SIT लीपापोती कर रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि मामले के कथित मास्टरमाइंड मनीष रंजन से ठीक से पूछताछ नहीं की जा रही है और सच्चाई सामने लाने के बजाय परिवार को ही झूठा साबित करने की कोशिश हो रही है। इस दौरान वे भावुक होकर बेहोश भी हो गईं, जिसके बाद वहां मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला।
अदालत द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद फिलहाल आरोपी को जेल में ही रहना होगा। अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं।
