पटना समाहरणालय में गुरुवार को आयोजित जिला जनता दरबार में जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने आम नागरिकों की समस्याएं सुनकर त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया। इस दरबार में 83 परिवादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना गया और कई मामलों का तत्काल समाधान भी किया गया।
जिलाधिकारी स्वयं प्रत्येक परिवादी के पास जाकर उनकी समस्याओं से अवगत हुए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी जन-शिकायतों का पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और संवेदनशीलता के साथ गुणवत्तापूर्ण समाधान किया जाए।
कुछ प्रमुख मामलों का तत्काल निपटारा:
भूमि आधार सीडिंग का मामला:
दानापुर के श्री संजीव कुमार सहाय ने भूमि के आधार सीडिंग में आ रही समस्या को लेकर परिवाद प्रस्तुत किया। जिलाधिकारी ने अंचल अधिकारी, दानापुर से तत्काल दूरभाष पर बात कर निर्देश दिया। मात्र आधे घंटे में समस्या का समाधान कर दिया गया, जिसकी सूचना आवेदक को मोबाइल पर दी गई। आवेदक ने प्रशासन के प्रति आभार जताया।
एनओसी निर्गत का मामला:
श्री सुजीत कुमार ने मौजा दोगड़ा, अंचल बिहटा में बीपीसीएल रिटेल आउटलेट के लिए अंतिम एनओसी निर्गत कराने का अनुरोध किया। जिलाधिकारी ने अपर जिला दंडाधिकारी (सामान्य) को शीघ्र कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
मुआवजा भुगतान में देरी:
विष्णुपुरा, बिहटा की सुनीता देवी ने बताया कि दानापुर-बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि का मुआवजा दो वर्षों से लंबित है। जिलाधिकारी ने इस पर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को नियमानुसार अविलंब भुगतान सुनिश्चित करने का आदेश दिया।
सख्त चेतावनी:
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि कोई अधिकारी जान-बूझकर मामलों को लंबित रखता है, तो उसके खिलाफ कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि की गई कार्रवाई की रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत की जाए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनहित सर्वोपरि है और सभी पदाधिकारियों को नागरिकों की शिकायतों के प्रति संवेदनशील रहते हुए पारदर्शी व समयबद्ध कार्य करना होगा।
