पटना: बिहार सरकार राज्य में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ पुलिस और कारा प्रशासन के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को आधुनिक बनाने की दिशा में तेजी से कदम उठा रही है। इसी कड़ी में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने राज्य की 21 जेलों (काराओं) में 44 नए आवासीय भवनों के निर्माण की महत्वपूर्ण घोषणा की है। इस पूरी परियोजना पर 88.89 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
कारा कर्मियों की वर्षों पुरानी समस्या होगी दूर
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि कारा हस्तक 2012 के नियमों के तहत जेल परिसर में तैनात मुख्य कक्षपाल और वरिष्ठ अधिकारियों को किराया मुक्त आवास देने का प्रावधान है। वर्तमान में राज्य में 5,034 कक्षपाल के पद स्वीकृत हैं। आवासों की कमी के कारण कर्मियों को होने वाली असुविधा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इस योजना के तहत:
- भवन का स्वरूप: सभी 44 भवन ‘बी-टाइप’ (G+3) श्रेणी के होंगे।
- लागत: एक भवन के निर्माण पर लगभग 202.04 लाख रुपये खर्च होंगे।
- समय सीमा: इस परियोजना का क्रियान्वयन वित्तीय वर्ष 2025-26 और उसके आगामी वर्षों में चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
इन 21 जिलों की जेलों में होगा निर्माण
राज्य के विभिन्न हिस्सों में कुल 44 भवनों का वितरण इस प्रकार किया गया है:
- सर्वाधिक निर्माण: मोतिहारी (04) और पूर्णिया (03)।
- अन्य प्रमुख जिले: मुजफ्फरपुर, आरा, भभुआ, सिवान, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, सुपौल, कटिहार, किशनगंज, सहरसा, बेगूसराय, जमुई, लखीसराय, मुंगेर, शेखपुरा, औरंगाबाद, नवादा और बेतिया (प्रत्येक में 02 भवन, बेतिया में 01)।
बुनियादी ढांचे पर सरकार का विशेष जोर
श्री सम्राट चौधरी ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था को प्रभावी और आधुनिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने याद दिलाया कि हाल ही में पूर्वी चंपारण, अररिया, सारण, बेगूसराय और किशनगंज में थाना भवनों के निर्माण के लिए ₹46.34 करोड़ की स्वीकृति दी गई थी।
