पटना। बिहार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राजस्व प्रशासन में दलालों, मुंशियों और भू-माफियाओं पर पूरी तरह से शिकंजा कसने का ऐलान किया है। उन्होंने दो टूक कहा कि शराफत और इंसानियत को रुलाने वाले इन तत्वों और प्रशासनिक गठजोड़ को हर हाल में तोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार की नीति स्पष्ट है- बिचौलियों पर पूर्ण रोक और जनता को सीधी पारदर्शी सेवा।
भू-माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश: विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने सभी समाहर्ताओं को पत्र जारी कर राजस्व इकाइयों में दलालों-मुंशियों के हस्तक्षेप पर रोक लगाने और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्ती बरतने के आदेश दिए हैं।
‘समृद्धि यात्रा’ और ‘भूमि सुधार जन कल्याण संवाद‘ के दौरान भ्रमण में नगर क्षेत्रों में हल्का कर्मचारियों द्वारा अनौपचारिक ‘सहायक मुंशी’ रखने और पटना के संपतचक में समानांतर कार्यालय चलने की जानकारी सामने आई।
प्रधान सचिव ने इसे प्रशासनिक लापरवाही का संकेत बताते हुए ‘रूल ऑफ लॉ’ के तहत न्यायिक-आपराधिक कार्रवाई का निर्देश दिया। विधि का शासन सर्वोपरि है, साफ-सुथरा राजस्व प्रशासन सुनिश्चित किया जाएगा।
सीसीटीवी अनिवार्य, दलालों का प्रवेश वर्जित: सभी अंचल कार्यालयों में हाई-एंड सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिसकी राशि विभाग ने जारी कर दी है। इससे कार्यप्रणाली पारदर्शी बनेगी और दलालों का प्रवेश पूरी तरह बंद हो सकेगा। यदि दलाल-मुंशी की पहचान होती है तो धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और सरकारी कार्य में बाधा जैसी भारतीय न्याय संहिता (BNS) धाराओं में तुरंत FIR दर्ज होगी।
अधिकारी-कर्मचारियों पर भी कार्रवाई: अंचल अधिकारियों को BNS धाराओं में कार्रवाई का अधिकार दिया गया। अगर किसी अधिकारी या हल्का कर्मचारी की संलिप्तता पाई गई तो त्रि-सदस्यीय जिला जांच दल गठित कर कार्रवाई होगी। शहरी क्षेत्रों में भू-माफियाओं से राहत दिलाने जिला स्तर पर विशेष निगरानी तंत्र बनेगा।
