जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर 20 फरवरी 2026 को गोपालगंज पहुंचे, जहां उन्होंने बिहार नवनिर्माण अभियान के तहत कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत बनाने पर गहन चर्चा की।
मीडिया ब्रीफिंग में उन्होंने कहा कि जनसुराज जनता की सशक्त आवाज बनेगा और समाज के हर वर्ग के हितों की रक्षा करेगा। यह दौरा चुनावी हार के बाद पार्टी के पुनरुद्धार का महत्वपूर्ण कदम है।
बिहार सरकार पर तीखा प्रहार: किशोर ने हालिया बिहार चुनाव नतीजों पर कड़ा प्रहार किया, पूछा कि अपराध, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के बोझ तले दबे राज्य में जनता ने उसी सरकार को क्यों चुना। उन्होंने चिंता जताई कि ये समस्याएं कैसे समाप्त होंगी, लेकिन आश्वासन दिया कि जनसुराज जनता को जागरूक करने का प्रयास जारी रखेगा।
संगठन पुनर्गठन की रणनीति: गोपालगंज में किशोर ने वरिष्ठ नेताओं के साथ संगठनात्मक पुनर्गठन पर फोकस किया, ताकि जनसुराज जमीनी स्तर पर मजबूत हो। जिला संयोजकों ने बताया कि यह भ्रमण बिहार के विभिन्न जिलों में चल रहा है, जिसमें युवाओं और बेरोजगारों के मुद्दों को प्राथमिकता दी जा रही है। पार्टी अब ‘नव निर्माण’ के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ेगी।
राजनीतिक संदर्भ और भविष्य: पिछले चुनावों में जनसुराज की सीमित सफलता के बाद किशोर ने माफी मांगी थी, लेकिन अब वे पदयात्रा और संवादों से जोर पकड़ रहे हैं। गोपालगंज जैसे सीमांचल क्षेत्रों में सक्रियता से पार्टी का आधार विस्तार हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभियान 2027 के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण साबित होगा।
