Monday, February 23, 2026
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पटना जिला प्रशासन बाढ़ राहत कार्यों में पूरी तरह मुस्तैद: सामुदायिक रसोई से लेकर नाव परिचालन तक हर स्तर पर सतर्कता

पटना जिले में गंगा सहित अन्य नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण उत्पन्न बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य प्रारंभ कर दिया है। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. के नेतृत्व में सभी विभागों एवं एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

राहत कार्यों की प्रमुख व्यवस्थाएं:

सामुदायिक रसोई केंद्र:
जिले में कुल 6 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित किए जा रहे हैं जहां प्रभावित लोगों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। ये रसोई अथमलगोला, बाढ़, मोकामा, दानापुर एवं पाटलिपुत्रा अंचल में संचालित हैं।

नाव एवं बचाव संसाधन:
बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में आवाजाही के लिए 40 सरकारी नावें तैनात की गई हैं, और 235 निजी नावों से एकरारनामा किया गया है। इसके अलावा 265 गोताखोरों को प्रशिक्षित किया गया है और 270 लाइफ जैकेट, 4 GPS सेट, 5 इनफ्लेटेबल लाइट सिस्टम, तथा 40,773 पॉलीथिन शीट्स उपलब्ध कराई गई हैं।

स्वास्थ्य एवं पशुपालन सेवा:
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच, दवा वितरण, पशुओं के लिए चारा एवं पशु चिकित्सकों की व्यवस्था की गई है। स्वच्छ पेयजल और अस्थायी शौचालयों की भी सुविधा प्रदान की जा रही है।

आपदा निगरानी और नियंत्रण:
जिलाधिकारी के निर्देश पर 119 शरणस्थलों की पहचान की गई है। एसडीआरएफ की एक कंपनी 12 बोट और 36 कर्मियों के साथ गायघाट में तैनात है। एनडीआरएफ की टीम को आवश्यकतानुसार तैनात किया जाएगा। जिला नियंत्रण कक्ष, आपातकालीन नंबर और डायल-112 को भी सक्रिय रखा गया है।

जलस्तर की अद्यतन स्थिति:

गांधी घाट:
वर्तमान जलस्तर 50.09 मीटर है, जो उच्चतम जलस्तर से 43 सेमी नीचे है।

दीघा घाट:
जलस्तर 51.38 मीटर, जो उच्चतम स्तर से नीचे है।

मनेर:
53.31 मीटर दर्ज किया गया, स्थिति नियंत्रण में है।

जिलाधिकारी ने बताया कि प्रयागराज एवं वाराणसी में जलस्तर में गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे अगले 1-2 दिनों में पटना में भी जलस्तर में कमी आने की संभावना है।

अधिकारीगण पूरी तरह सतर्क:

जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का प्रतिदिन भ्रमण करें, आम जनता से संवाद बनाएं और तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। अपर जिला दंडाधिकारी (आपदा प्रबंधन) को अनुश्रवण की जिम्मेदारी दी गई है।

आम जनता से अपील:

> “जनता घबराए नहीं, जिला प्रशासन पूरी तरह सजग और सक्रिय है। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक डायल-112, 0612-2210118 (आपातकालीन संचालन केंद्र) या 0612-2219810 / 2219234 (नियंत्रण कक्ष) पर संपर्क करें।”

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