पटना | 25 फरवरी 2026 पटना जिले के विभिन्न न्यायालयों में वर्षों से लंबित मुकदमों के बोझ को कम करने और आम जनता को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से आगामी 14 मार्च, 2026 (शनिवार) को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।
पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया है ताकि अधिक से अधिक लोग इस अवसर का लाभ उठा सकें।
कहाँ और कब होगा आयोजन?: जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के तत्वावधान में आयोजित यह लोक अदालत सुबह 10:30 बजे से शुरू होगी। इसका आयोजन निम्नलिखित स्थानों पर किया जाएगा:
सिविल कोर्ट, पटना सदरअनुमंडल कोर्ट: पटना सिटी, दानापुर, बाढ़, मसौढ़ी और पालीगंज।इन मामलों का होगा त्वरित निस्तारण
लोक अदालत में मुख्य रूप से समझौते योग्य (Compoundable) मामलों की सुनवाई होगी, जिनमें शामिल हैं:
चेक बाउंस (धारा 138 NI एक्ट) और बैंक ऋण वसूली मामले।
बिजली बिल विवाद, श्रम विवाद और माप-तौल से जुड़े मामले।
वाहन दुर्घटना के दावे (MACT) और सिविल सूट।
छोटे आपराधिक मामले और नीलाम-पत्र वाद।
लोक अदालत के बड़े लाभ: जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि लोक अदालत के माध्यम से विवाद सुलझाने के कई फायदे हैं:
कोर्ट फीस की वापसी: यदि मामले में पहले ही कोर्ट फीस जमा कर दी गई है, तो समझौते के बाद वह राशि वापस कर दी जाएगी।
अंतिम निर्णय: लोक अदालत के आदेश के विरुद्ध कोई अपील नहीं होती, जिससे विवाद का स्थायी समाधान हो जाता है।
समय और धन की बचत: यहाँ कानूनी पेचीदगियों के बिना सरल और शीघ्र न्याय मिलता है।
कैसे उठाएं लाभ?: यदि आपका कोई मामला न्यायालय में लंबित है और आप उसे आपसी सहमति से सुलझाना चाहते हैं, तो आप संबंधित न्यायालय में 13 मार्च 2026 तक किसी भी कार्य-दिवस पर जाकर अपना प्रार्थना पत्र दे सकते हैं। इन मामलों पर विचार के बाद 14 मार्च को अंतिम रूप से निस्तारण कर दिया जाएगा।
जिलाधिकारी की अपील:
“सभी वादकारी इस सुअवसर का लाभ उठाएं और आपसी समझौते के आधार पर अपने मुकदमों का अंत कर मानसिक और आर्थिक राहत प्राप्त करें।” — डॉ. त्यागराजन एस.एम., जिलाधिकारी, पटना।
