पटना (ब्यूरो): राजधानी के मीठापुर स्थित कबीरपंथी आश्रम, शाह कबीर साइन मंदिर परिसर में रविवार को आध्यात्मिक उल्लास और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। कबीर मिशन ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित इस साप्ताहिक सत्संग में भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
भक्ति और भजनों की बयार: कार्यक्रम की शुरुआत भजन-कीर्तन और प्रवचनों से हुई। आश्रम का पूरा परिसर न केवल आध्यात्मिक चर्चाओं से बल्कि होली के मधुर गीतों से भी गूंज उठा। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने पारंपरिक अंदाज में एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर आपसी भाईचारे और सद्भाव का संदेश दिया।
महाराज जी का संदेश: “राष्ट्र निर्माण भी है भक्ति”सत्संग के दौरान महाराज जी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए जीवन के मूल आधारों पर प्रकाश डाला।
उनके संबोधन के मुख्य बिंदु रहे:
नैतिक मूल्य: प्रेम, दया और सहानुभूति ही मनुष्य को ऊंचाइयों तक ले जाते हैं।
धैर्य का महत्व: इन गुणों का सकारात्मक परिणाम समय के साथ स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
सामाजिक दायित्व: मनुष्य के जीवन का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत उन्नति नहीं, बल्कि समर्पण भाव से राष्ट्र निर्माण में सहयोग करना भी होना चाहिए।
आयोजन का उद्देश्य: ट्रस्ट के आयोजकों के अनुसार, इस प्रकार के साप्ताहिक आयोजनों का मुख्य लक्ष्य:समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत करना।आपसी प्रेम और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना।
संत कबीर साहब की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुँचाना।कार्यक्रम के अंत में सतगुरु कबीर साइन की विधिवत आरती की गई, जिसके पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन कर प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में ट्रस्ट के सदस्यों और स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका रही।
