बक्सर/पटना | 28 फरवरी, 2026
बिहार के औद्योगिक परिदृश्य में आज एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने बक्सर जिले में करीब 1,700 करोड़ रुपये के निवेश वाली दो बड़ी औद्योगिक इकाइयों— जेके सीमेंट (JK Cement) और कोका-कोला (Coca-Cola) बॉटलिंग प्लांट— का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर उनके साथ उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल भी मौजूद रहे।
इन परियोजनाओं को राज्य सरकार के ‘अगले पांच वर्षों में एक करोड़ नौकरी और रोजगार’ के संकल्प की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।
जेके सीमेंट: ₹500 करोड़ का निवेश, 3 MTPA क्षमता
ब्रह्मपुर औद्योगिक क्षेत्र में 100 एकड़ में फैली जेके सीमेंट की अत्याधुनिक यूनिट का लोकार्पण करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्लांट की क्षमता 3 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) है।
- स्थानीय लाभ: अब तक बिहार को सीमेंट की आपूर्ति प्रयागराज (यूपी) स्थित इकाई से होती थी। अब स्थानीय उत्पादन से निर्माण लागत कम होगी और आपूर्ति तेज होगी।
- कोका-कोला प्लांट: ₹1,200 करोड़ की लागत, विशाल उत्पादन
नवानगर में 65 एकड़ में स्थापित कोका-कोला बॉटलिंग प्लांट का भी शुभारंभ किया गया।
- क्षमता: यह प्लांट प्रतिदिन 3.24 लाख केस (CS) उत्पादन करेगा।
- संचालन: इसका निर्माण कोका-कोला की फ्रेंचाइजी मेसर्स एसएलएमजी बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया गया है।
“मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार बिहार को निवेश का हब बना रही है। जेके सीमेंट और कोका-कोला जैसे ब्रांड्स का बिहार आना इस बात का प्रमाण है कि हमारी औद्योगिक नीति सफल हो रही है। हमारा लक्ष्य सिर्फ कारखाने लगाना नहीं, बल्कि हर हाथ को काम देना है।” — सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री, बिहार
रोजगार और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
उपमुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि इन दोनों प्लांटों से न केवल हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, बल्कि परिवहन (Logistics), आपूर्ति श्रृंखला और सहायक उद्योगों के माध्यम से अप्रत्यक्ष रोजगार के भी बड़े अवसर पैदा होंगे। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी।
पर्यावरण का रखा गया विशेष ध्यान
प्रगति के साथ प्रकृति का संतुलन बिठाते हुए, कोका-कोला प्लांट में आधुनिक अपशिष्ट जल शोधन (Effluent Treatment) की व्यवस्था की गई है। साथ ही परिसर का 40% हिस्सा हरित क्षेत्र के रूप में विकसित किया गया है।
रीसाइक्लिंग: पीईटी (PET) बोतलों के रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
बक्सर में इन दो दिग्गज कंपनियों की शुरुआत बिहार की नई औद्योगिक पहचान को गढ़ रही है। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार बुनियादी ढांचे के विकास और सुशासन के जरिए उद्योगपतियों को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि बिहार आने वाले समय में देश के औद्योगिक मानचित्र पर अग्रणी राज्यों में शामिल हो सके।
