Thursday, April 2, 2026
HomeTop Storiesबिहार में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू: ₹2585 का MSP और 48...

बिहार में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू: ₹2585 का MSP और 48 घंटे में भुगतान, बिचौलियों से मिलेगी मुक्ति

पटना/जहानाबाद | 01 अप्रैल 2026
​बिहार के किसानों के लिए रबी सीजन की एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार ने ‘रबी विपणन मौसम 2026-27’ के तहत गेहूं की सरकारी खरीद (अधिप्राप्ति) बुधवार से शुरू कर दी है। सहकारिता मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने जहानाबाद जिले के किनारी पैक्स से इस अभियान का विधिवत शुभारंभ किया।

किसानों को मिलेगा सीधा लाभ: ₹160 की बढ़ोतरी
​इस वर्ष केंद्र सरकार द्वारा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,585 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में ₹160 अधिक है। सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानों को बिचौलियों के चंगुल से बचाकर उनकी उपज का सही मूल्य सीधे उनके बैंक खातों में पहुँचाना है।

48 घंटे के भीतर भुगतान का वादा
​सहकारिता मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसानों को गेहूं बेचने के बाद भटकना नहीं पड़ेगा। PFMS प्रणाली के माध्यम से गेहूं की बिक्री के मात्र 48 घंटों के भीतर राशि किसानों के नामित बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी।

​खरीद की समय-सीमा और व्यवस्था
​अवधि: 1 अप्रैल 2026 से 15 जून 2026 तक।
अधिप्राप्ति केंद्र: पंचायत स्तर पर पैक्स (PACS), प्रखंड स्तर पर व्यापार मंडल और भारतीय खाद्य निगम (FCI) के केंद्रों पर किसान अपना गेहूं बेच सकते हैं।

लक्ष्य: इस वर्ष राज्य में गेहूं अधिप्राप्ति का कुल लक्ष्य 0.18 लाख मीट्रिक टन रखा गया है।

धान खरीद में हासिल की ‘शानदार सफलता’
​प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, हाल ही में संपन्न हुए ‘खरीफ विपणन मौसम 2025-26’ में बिहार ने धान खरीद में रिकॉर्ड सफलता हासिल की है:

लक्ष्य की प्राप्ति: 36.85 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के विरुद्ध 36.79 लाख मीट्रिक टन (99.84%) धान की खरीद की गई।
​शीर्ष जिले: धान खरीद में रोहतास (3.28 लाख MT) पहले स्थान पर रहा, उसके बाद कैमूर और औरंगाबाद का नंबर आता है।

किसानों की भागीदारी: कुल 5.40 लाख से अधिक किसानों ने धान बेचा, जिनमें से 94% किसानों को भुगतान किया जा चुका है।

“हमारी सरकार छोटे और मंझौले किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। गेहूं खरीद की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है ताकि हर किसान को उसकी मेहनत का उचित फल मिले।” — डॉ. प्रमोद कुमार, सहकारिता मंत्री

यह भी पढ़े

अन्य खबरे