पटना | 11 फरवरी, 2026भारतीय टेलीविजन जगत और विशेषकर दूरदर्शन (DD) के दर्शकों के लिए एक युग का अंत हो गया है। दूरदर्शन की जानी-मानी पूर्व न्यूज़ एंकर सरला माहेश्वरी का निधन हो गया है।
अपनी सधी हुई आवाज, स्पष्ट उच्चारण और गरिमामय उपस्थिति के लिए पहचानी जाने वाली सरला जी ने लंबी बीमारी के बाद अंतिम सांस ली।पत्रकारिता के एक मानक का अंतसरला माहेश्वरी उस दौर की पत्रकार थीं जब समाचारों की विश्वसनीयता ही सर्वोपरि थी।
उन्होंने कई दशकों तक देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं को भारतीय घरों तक पहुँचाया। उनकी रिपोर्टिंग शैली में एक ठहराव और गंभीरता थी, जो आज की पीढ़ी के पत्रकारों के लिए एक मिसाल है।
प्रमुख विशेषताएँ और करियर की झलकियाँ
सादगी और शालीनता: सरला जी को उनके सौम्य व्यवहार और सादगी भरे अंदाज के लिए याद किया जाता है।
भाषा पर पकड़: हिंदी और अंग्रेजी दोनों ही भाषाओं पर उनका जबरदस्त अधिकार था, जिससे वे दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय रहीं।
मार्गदर्शक की भूमिका: दूरदर्शन से सेवानिवृत्त होने के बाद भी, उन्होंने कई युवा पत्रकारों को प्रशिक्षित किया और पत्रकारिता के नैतिक मूल्यों को बनाए रखने पर जोर दिया।
शोक की लहर: उनके निधन की खबर मिलते ही मीडिया जगत और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है। वरिष्ठ पत्रकारों और राजनेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि सरला जी ने समाचार वाचन को एक नई ऊंचाई दी थी।
“सरला माहेश्वरी जी मात्र एक एंकर नहीं, बल्कि पत्रकारिता की एक संस्था थीं। उनकी आवाज में जो विश्वास था, वह आज विरल है।” – वरिष्ठ पत्रकार अरुण कुमार पांडेय
ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे और उनके परिवार को यह दुख सहने की शक्ति दे।
