‘पटना। बिहार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने विधान परिषद में विभाग की उपलब्धियों का लेखा-जोखा पेश करते हुए स्पष्ट किया कि बिहार अब पारंपरिक ‘लंबित’ कार्यप्रणाली को छोड़कर ‘लक्षित, समयबद्ध और जवाबदेह’ कार्यसंस्कृति की ओर बढ़ चुका है।
वर्ष 2026-27 के बजट की मांग संख्या-40 पर चर्चा के दौरान उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार का मुख्य ध्येय प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास’ और मुख्यमंत्री के ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ के संकल्प को जमीन पर उतारना है।
जन-केंद्रित शासन और भू-सुधार संवाद: उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व प्रशासन के केंद्र में अब आम नागरिक है। बिचौलियों और भू-माफियाओं के प्रभाव को पूरी तरह समाप्त करने के लिए तंत्र को पारदर्शी बनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि ‘भूमिसुधार जनकल्याण संवाद’ के माध्यम से अब तक आठ प्रमंडलों में सीधे जनता से जुड़कर समस्याओं का समाधान किया गया है। इसका असर यह हुआ कि दाखिल-खारिज निष्पादन की दर 75% से बढ़कर 84% हो गई है, जबकि लंबित मामलों में भारी गिरावट आई है।
डिजिटल सुधार: ई-मापी और परिमार्जन-प्लस: तकनीक के उपयोग पर जोर देते हुए श्री सिन्हा ने बताया कि:
परिमार्जन प्लस: जटिल मामलों के निष्पादन के लिए अधिकतम 75 दिन की सीमा तय की गई है, जिससे निष्पादन दर 10% से उछलकर सीधे 75% पहुंच गई है।
ई-मापी: अब जमीन की मापी के लिए समय-सीमा निर्धारित है (7 से 14 दिन), जिससे विवादों में कमी आई है।
एग्रीस्टैक: मात्र 35 दिनों में 40 लाख किसानों की ‘फार्मर रजिस्ट्री’ पूरी कर विभाग ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
फर्जीवाड़े पर लगाम और कड़ी सजा: भूमि विवादों को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। उपमुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि जाली दस्तावेजों के आधार पर जमीन हड़पने वालों पर अनिवार्य रूप से FIR दर्ज की जाएगी।
भारतीय न्याय संहिता के तहत ऐसे मामलों में 7 से 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान सुनिश्चित किया गया है।
16,584 पदों पर होगी बहाली: बेरोजगार युवाओं के लिए बड़ी घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि विभाग में रिक्त 16,584 पदों को एक वर्ष के भीतर भरने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, राजस्व कर्मचारी और अमीन संवर्ग को राज्य स्तरीय दर्जा देते हुए नई नियमावलियां लागू की गई हैं और 3,303 नए पद सृजित किए गए हैं।
सामाजिक न्याय और उद्योग को बढ़ावा
अभियान बसेरा-2: इसके तहत 70,279 भूमिहीन परिवारों को जमीन आवंटित की गई है।
शहीद सम्मान: शहीद सैनिकों के परिवारों को उनके गृह जिले में 1 एकड़ कृषि भूमि या 5 डिसमिल आवासीय भूमि देने की व्यवस्था की गई है।
लैंड बैंक: उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए हर जिले में सरकारी भूमि की पहचान कर ‘लैंड बैंक’ बनाया जा रहा है।
“स्पष्ट भू-संपदा, सुशासन, समृद्धि से शांति सर्वदा” के नारे के साथ उपमुख्यमंत्री ने सदन से बजट की अनुदान मांग को स्वीकृति देने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि 31 मार्च 2026 तक लंबित 46 लाख आवेदनों के निष्पादन के लिए विभाग ‘राजस्व महाभियान’ के तहत युद्धस्तर पर काम कर रहा है।
