बिष्णु नारायण चौबे
पटना: राजधानी के पटना जंक्शन पर अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, लेकिन रेल पुलिस की सक्रियता ने एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश कर दिया है। सहरसा के एक चांदी कारोबारी से फर्जी पुलिस बनकर 22.50 लाख रुपये लूटने वाले गिरोह के दो सदस्यों को जीआरपी ने महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इनके पास से लूटी गई रकम में से 9.50 लाख रुपये भी बरामद कर लिए हैं।
जांच के नाम पर ट्रेन के खाली कोच में ले जाकर लूटे पैसे
घटना 29 दिसंबर की है। सहरसा के चांदी कारोबारी धीरज कुमार के साले दीपक कुमार, बाकरगंज से चांदी के गहने बेचकर 22 लाख 50 हजार रुपये लेकर पटना जंक्शन पहुंचे थे। इसी दौरान प्लेटफॉर्म पर दो बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और खुद को पुलिसकर्मी बताकर चेकिंग का झांसा दिया।
शाम होने का डर दिखाकर बदमाश दीपक को प्लेटफॉर्म संख्या 1 से 6 और फिर प्लेटफॉर्म संख्या 7 पर खड़ी एक ट्रेन के खाली कोच में ले गए। वहां पहले से मौजूद तीसरे अपराधी के साथ मिलकर बदमाशों ने हथियार या डर के बल पर पूरा कैश छीन लिया।
CCTV फुटेज से पकड़े गए ‘पानी बेचने वाले’ लुटेरे
शिकायत दर्ज होते ही रेल पुलिस ने एसआईटी गठित कर सीसीटीवी फुटेज खंगाले। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो शातिर अपराधियों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपितों की पहचान:दीपक कुमार झा (निवासी: खुसरूपुर)राजा कुमार (निवासी: बिहारशरीफ) के रूप में हुई है।
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि ये दोनों पहले पटना जंक्शन पर पानी बेचने का काम करते थे। इसी की आड़ में इन्होंने यात्रियों के साथ छिनतई और धोखाधड़ी शुरू कर दी।
तीसरे आरोपी की तलाश जारी
जीआरपी थानेदार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों के पास से साढ़े नौ लाख रुपये मिल चुके हैं। गिरोह का तीसरा सदस्य अभी भी फरार है, जिसके पास बाकी की रकम होने की संभावना है। रेल पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और जल्द ही पूरे गिरोह को सलाखें के पीछे भेजने का दावा किया जा रहा है।
