पटना | 08 मार्च, 2026
बिहार की राजधानी पटना के सांस्कृतिक परिदृश्य में आज एक नया अध्याय जुड़ गया। मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने 542 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली उस महत्वाकांक्षी सुरंग (सब-वे टनल) के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया, जो बिहार संग्रहालय और पटना संग्रहालय को आपस में जोड़ेगी। नेहरू पथ स्थित हड़ताली मोड़ के समीप मुख्यमंत्री ने शिलापट्ट का अनावरण किया और टनल निर्माण मशीन का बटन दबाकर औपचारिक रूप से कार्य की शुरुआत की।
पर्यटन और सुविधा का संगम
इस टनल परियोजना का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों के अनुभव को सुगम बनाना है। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए:
- तेजी से कार्य पूर्ण करें: गुणवत्ता से समझौता किए बिना निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
- पर्यटकों की सुविधा: टनल बनने के बाद लोग आसानी से एक ही यात्रा में दोनों संग्रहालयों की कलाकृतियों का अवलोकन कर सकेंगे। इसे देखते हुए पर्याप्त पार्किंग और बुनियादी सुविधाओं का पुख्ता प्रबंध हो।
- यातायात प्रबंधन: निर्माण के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि नेहरू पथ पर आम जनता के आवागमन में कोई बाधा न आए।
आवास और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
संग्रहालय टनल के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने बिहार संग्रहालय के ठीक सामने पुनर्विकसित किए जा रहे 60 आवास एवं ऑफिसर्स हॉस्टल कैंपस का भी निरीक्षण किया। इस परियोजना की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- बहुमंजिला इमारत: पुराने स्ट्रक्चर को हटाकर आधुनिक सुविधाओं से लैस मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग का निर्माण।
- ईको-फ्रेंडली सुविधाएं: परिसर में सोलर पार्किंग शेड, ओपन पार्किंग और एक भव्य क्लब हाउस की व्यवस्था होगी।
- नया पार्क: संग्रहालय आने वाले पर्यटकों के लिए बगल में ही एक सुंदर पार्क विकसित किया जाएगा, ताकि लोग वहां भी समय बिता सकें।
निरीक्षण और उपस्थिति
मुख्यमंत्री ने बिहार संग्रहालय के महानिदेशक श्री अंजनी कुमार सिंह से वर्तमान में पर्यटकों की संख्या और नए प्रदर्शों के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने टनल के दूसरे छोर (पटना संग्रहालय) का भी स्थल निरीक्षण किया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत और विभिन्न विभागों के प्रधान सचिवों सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
