पटना | 22 फरवरी, 2026पटना के ऊर्जा ऑडिटोरियम में रविवार को ‘नालसा (असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए विधिक सेवाएँ) योजना, 2015’ के तहत एक भव्य विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री संगम कुमार साहू (पटना उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक, बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार) और माननीय न्यायमूर्ति श्री राजीव रंजन प्रसाद ने दीप प्रज्वलित कर किया।
श्रमिकों को मिला योजनाओं का लाभइस कार्यक्रम के दौरान न केवल जागरूकता फैलाई गई, बल्कि मौके पर ही कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन भी देखा गया। श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत लाभार्थियों को वित्तीय सहायता के चेक सौंपे गए। साथ ही, कई श्रमिकों को आयुष्मान कार्ड भी प्रदान किए गए ताकि उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
कानूनी अधिकारों पर चर्चा: संबोधन के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने ‘नालसा योजना’ और श्रमिकों को मिलने वाली निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं, न्यायमूर्ति श्री राजीव रंजन प्रसाद ने श्रमिकों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति सचेत किया। कार्यक्रम में बिहार सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी स्कीमों पर भी चर्चा की गई।
इस अवसर पर न्यायपालिका और प्रशासन के कई बड़े अधिकारी मौजूद थे, जिनमें सदस्य सचिव, बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार पवन कुमार पाण्डेय, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पटना रूपेश देव, सचिव, श्रम संसाधन विभाग दीपक आनंद के साथ लगभग 500 से अधिक दैनिक वेतन भोगी एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिक उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन सहायक निबंधक निहारिका सिंह ने किया, जबकि श्रम अधीक्षक नेहा आर्या ने विभागीय योजनाओं की जानकारी साझा की। कार्यक्रम का समापन जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव पल्लवी आनंद के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
