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Saturday, October 10, 2026
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गुरु रविदास जयंती समारोह में गरजे तेजस्वी, बोले— “संविधान कमजोर करने की साजिश के खिलाफ रहना होगा सजग

”पटना, 22 फरवरी 2026।राजधानी पटना के मिलर हाई स्कूल मैदान में आज रविदास चेतना मंच के तत्वावधान में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी का 649वां राज्य स्तरीय जयंती समारोह धूमधाम से मनाया गया। समारोह में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही और सामाजिक न्याय, आरक्षण तथा संविधान की रक्षा को लेकर तीखे राजनीतिक संदेश दिए गए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता रविदास चेतना मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम ने की। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष एवं राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने गुरु रविदास जी के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का उद्घाटन किया।

“संविधान के खिलाफ साजिश, हमें रहना होगा सतर्क”: तेजस्वी यादव ने अपने संबोधन में कहा कि सत्ता में बैठे लोग बाबा साहब के संविधान को कमजोर करने की साजिश में लगे हैं और इसके खिलाफ समाज को सजग रहना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा गोडसे और गोलवलकर की विचारधारा पर चलकर समाज में नफरत फैलाने का काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल ने हमेशा अपने पुरखों और महापुरुषों को सम्मान दिया है और लालू प्रसाद यादव ने सामाजिक न्याय की विचारधारा को आगे बढ़ाने का कार्य किया।

65% आरक्षण पर सरकार को घेरा: तेजस्वी यादव ने जातीय आधारित गणना और 65 प्रतिशत आरक्षण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि महागठबंधन सरकार ने इसे लागू किया था और इसे नवमीं अनुसूची में शामिल कराने का प्रस्ताव भी बिहार कैबिनेट से भेजा गया था।

उनका आरोप था कि सरकार बदलते ही “डबल इंजन सरकार” ने आरक्षण को कानूनी उलझनों में फंसा दिया, जिससे लगभग 16 प्रतिशत आरक्षण प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इससे लगभग 50 हजार लोग नौकरियों से वंचित हो रहे हैं।

उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि “भाजपा आरक्षण खोर और आरक्षण चोर है” और वंचित, पिछड़े, दलित और आदिवासी समुदायों के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है।

महापुरुषों के विचारों को सिलेबस में शामिल करने की मांग: तेजस्वी ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर, गुरु रविदास और कबीर के विचारों को स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल कराने के लिए सरकार पर दबाव बनाया जाएगा और इसके लिए सदन के अंदर और बाहर आवाज बुलंद की जाएगी।

उन्होंने कहा कि राजद महापुरुषों— महात्मा गांधी, राममनोहर लोहिया, कर्पूरी ठाकुर, जगदेव प्रसाद, मौलाना अबुल कलाम आजाद सहित अन्य विभूतियों के प्रति सम्मान का भाव रखती है और उनके विचारों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

कानून-व्यवस्था और शराबबंदी पर भी हमला: नेता प्रतिपक्ष ने बिहार में कानून-व्यवस्था और शराबबंदी अभियान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध का ग्राफ बढ़ रहा है, माफियाओं को संरक्षण मिल रहा है और गरीबों, ठेला-रेहड़ी वालों के घर और दुकानें उजाड़ी जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का इकबाल खत्म हो गया है और प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर पड़ चुकी है।भारत रत्न की मांग और सामाजिक संकल्पसमारोह में जगजीवन राम और कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग उठाई गई। साथ ही बिहार विधानसभा परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर और गुरु रविदास की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की मांग भी की गई।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया—“आधी रोटी खाएंगे, बेटा-बेटी को पढ़ाएंगे”,“नशामुक्त समाज बनाएंगे” और“अंधविश्वास दूर भगाएंगे।”समारोह में कई पूर्व मंत्री, विधायक, पार्टी पदाधिकारी और बिहार के विभिन्न जिलों से आए हजारों लोग शामिल हुए।

यह आयोजन सामाजिक न्याय और राजनीतिक संदेशों के केंद्र में रहा, जहां गुरु रविदास के समता और समानता के संदेश के साथ वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर भी खुलकर चर्चा हुई।

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