पटना | 18 फरवरी 2026बिहार के ग्रामीण इलाकों की सूरत बदलने और सुदूर गाँवों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने अपनी कमर कस ली है। ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री अशोक चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 11,312.18 करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी बजट प्रस्तावित किया है।
इस भारी-भरकम राशि का मुख्य उद्देश्य हर टोले और बसावट को बारहमासी सड़कों से जोड़ना और पुरानी सड़कों का कायाकल्प करना है।
‘सात निश्चय-3’ से मिलेगी रफ्तार: अब चौड़ी होंगी ग्रामीण सड़केंबिहार सरकार के ‘सात निश्चय-3’ अभियान के तहत अब ग्रामीण सड़कों को नेशनल हाईवे (NH) और स्टेट हाईवे (SH) की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
* चौड़ीकरण: प्रमुख ग्रामीण पथों को 5.5 मीटर (इंटरमीडिएट लेन) तक चौड़ा करने का निर्णय लिया गया है।
* सर्वेक्षण पूरा: इसके लिए विभाग ने एक विशेष मोबाइल ऐप के जरिए सर्वेक्षण कार्य पूरा कर लिया है।
प्रथम चरण में 595 सड़कों (1,887.86 किमी) का भौतिक सत्यापन हो चुका है, जिनका निर्माण अगले वित्तीय वर्ष में प्राथमिकता पर होगा।
उपलब्धियां और नए लक्ष्य: मिशन मोड में सरकार: विभाग ने अब तक के कार्यों का लेखा-जोखा पेश करते हुए अपनी ऐतिहासिक उपलब्धियों को साझा किया:
* अब तक का निर्माण: पूरे बिहार में 1,19,800 किमी ग्रामीण सड़कें और 2,834 पुलों का निर्माण पूरा किया जा चुका है।
* वर्तमान कार्य: फिलहाल 7,133 किमी सड़कों पर काम तेजी से चल रहा है।
* आगामी लक्ष्य: वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत 3,000 किमी और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 300 किमी नई सड़क एवं 300 पुल बनाने का लक्ष्य है।
पर्यावरण और तकनीक का मेल: ‘वेस्ट प्लास्टिक’ से बन रही सड़केंबिहार अब सड़क निर्माण में ईको-फ्रेंडली तकनीक अपनाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है:
* ग्रीन टेक्नोलॉजी: ‘वेस्ट प्लास्टिक’ और ‘ग्रीन टेक्नोलॉजी’ का इस्तेमाल कर अब तक 7,214 किमी सड़कें बनाई जा चुकी हैं।
* वृक्षारोपण: सड़कों के किनारे हरियाली के लिए 6.40 लाख पौधे लगाए गए हैं।
* विशेष प्रशिक्षण: नवनियुक्त 480 सहायक अभियंताओं को गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए IIT पटना में तकनीकी प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है।
पुलों के रखरखाव के लिए नई नीति: बाढ़ और बारिश के दौरान आवागमन बाधित न हो, इसके लिए विभाग ने पुलों पर विशेष जोर दिया है। मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत 909 नए पुलों को मंजूरी दी गई है। साथ ही, पुलों के रखरखाव के लिए पथ निर्माण विभाग की ‘बिहार राज्य पुल प्रबंधन एवं संधारण नीति 2025’ को अपनाया गया है। पुरानी सड़कों और पुलों के रखरखाव (Maintenance) के लिए गैर-योजना मद से 2,000 करोड़ रुपये का अलग से प्रस्ताव रखा गया है।
फेसलेस तकनीक से होगी पारदर्शिता: सड़कों के पंचवर्षीय रखरखाव (Maintenance) की निगरानी में पारदर्शिता लाने के लिए विभाग जल्द ही ‘फेसलेस स्वशासी आधुनिक तकनीक’ लागू करने जा रहा है। इससे ठेकेदारों और अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और सड़कों की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहेगी।
खबर के मुख्य बिंदु:
* ₹11,312.18 करोड़ का कुल बजट प्रस्तावित।
* 7,133 किमी सड़कों का निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर।
* 1,887 किमी सड़कों के चौड़ीकरण का भौतिक सत्यापन पूरा।
* ₹2,000 करोड़ सिर्फ पुरानी सड़कों और पुलों के रखरखाव पर खर्च होंगे।
* वेस्ट प्लास्टिक तकनीक से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा।
