Sunday, February 8, 2026
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बिहार विधानसभा स्थापना दिवस: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विधायकों को दिया गरिमा-मर्यादा का मंत्र, नेवा डिजिटल हाउस का किया उद्घाटन

पटना: बिहार विधानसभा के स्थापना दिवस पर विधानमंडल के सेंट्रल हॉल में “सशक्त विधायक, सशक्त लोकतंत्र” कार्यक्रम आयोजित हुआ। लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए विधानमंडलों में घटते गरिमा-मर्यादा पर चिंता जताई और रचनात्मक आलोचना व संसदीय अनुशासन पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, “सशक्त विधायक ही मजबूत लोकतंत्र का आधार हैं। संवैधानिक जागरूकता से विधिनिर्माताओं की विश्वसनीयता बढ़ती है।”

श्री बिरला ने विधायी कार्यवाहियों में व्यवधान और अमर्यादित आचरण की प्रवृत्तियों को लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए हानिकारक बताते हुए सदस्यों से तर्कसंगत वाद-विवाद और जनकल्याण वाली आलोचना करने का आह्वान किया। उन्होंने बिहार की लोकतांत्रिक परंपराओं को भारत की संसदीय व्यवस्था का वैचारिक आधार बताया, जो प्राचीन सामूहिक विमर्श से प्रेरित है। ग्रामीण मुद्दों, महिलाओं-युवाओं की आकांक्षाओं पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।

कार्यक्रम में श्री बिरला ने बिहार विधानमंडल में **राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (नेवा) डिजिटल हाउस** का उद्घाटन किया। इसे पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने वाला कदम बताते हुए उन्होंने डिजिटलीकरण से अभिलेख पहुंच आसान होने और ‘एक राष्ट्र, एक विधायी मंच’ के लक्ष्य की सराहना की।

अन्य वक्ताओं ने बिहार की विरासत को किया याद: बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने स्वागत भाषण में सदन को बिहार की लोकतांत्रिक चेतना का प्रतीक बताया और पूर्व अध्यक्ष विजय बाबू को स्थापना दिवस परंपरा शुरू करने के लिए धन्यवाद दिया। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने डिजिटलीकरण की शुरुआत का जिक्र किया।

विधान परिषद सभापति अवधेश नारायण सिंह और राज्यसभा उपसभापति हरिवंश ने श्रीकृष्ण सिंह, कर्पूरी ठाकुर जैसे नेताओं के योगदान को याद किया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बिहार को वैशाली की लोकतंत्र जननी बताते हुए बौद्धिक परंपरा की प्रशंसा की।

संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने विधानसभा इतिहास पर प्रकाश डाला। उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव ने धन्यवाद दिया।यह आयोजन विधायिका के सशक्तिकरण और डिजिटल परिवर्तन का प्रतीक बना, जो बिहार की राजनीतिक विरासत को मजबूत करने का संकल्प दिलाता है।

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