धर्मनगरी काशी में फाल्गुन के उल्लास के बीच होटल हिंदुस्तान में एक भव्य सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। महिला भूमिहार समाज (MBS) द्वारा आयोजित इस ‘फाग महोत्सव’ में पारंपरिक गीतों और नृत्यों के जरिए भारतीय संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली।
उत्सव की शुरुआत डॉ. सरोज पांडे, आशा राय, वंदना सिंह और शकुंतला राय ने दीप प्रज्वलित कर की। इसके पश्चात गणेश वंदना से कार्यक्रम को गति दी गई। महिलाओं ने फाग और होली के पारंपरिक गीतों पर मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। पूरा वातावरण तालियों की गड़गड़ाहट और लोकगीतों की मिठास से सराबोर रहा।
संस्कृति का संदेश: संस्था की संस्थापिका डॉ. राजलक्ष्मी राय ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि फाग महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी जीवंत परंपरा है। यह प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश देता है और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सरिता राय, पुष्पा राय, सौम्या, काजल और अर्चना जी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर समाज की अनेक गणमान्य महिलाएं जैसे पूनम सिंह, प्रतिमा राय, विजेता राय, किरण राय, बीना सिंह, सुमन सिंह, सरिता, बबिता, चंद्रकला राय, सीमा राय, सोनी, पूनम, प्राची रंजना, उमा विनीता, अनीता, नीलिमा, खुशबू, अंकिता, रिमझिम, ऋतु, नीलू और संध्या आदि प्रमुख रूप से सम्मिलित रहीं।
आयोजक समिति की सदस्या पुष्पा राय के अनुसार समाज के बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं ने अंत में इस भव्य आयोजन पर पूरे आयोजन समिति का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों को निरंतर आयोजन की मांग की। जिससे समाज में एकजुटता, भाईचारा और आपसी संबंध मजबूत रहे।
