पटना | 07 मार्च, 2026 बिहार सरकार ने सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा में तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) की मारक क्षमता और प्रशिक्षण को और अधिक धार देने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने सुपौल जिले में एसएसबी के जवानों के लिए 100 मीटर सेमी इंडोर बफल रेंज (Baffle Range) के निर्माण हेतु भूखंड आवंटन को हरी झंडी दे दी है।
किशनपुर अंचल में मिली 38 डिसमिल जमीन
उपमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि सुपौल स्थित रिक्रूट प्रशिक्षण केंद्र (SSB) के उपयोग के लिए किशनपुर अंचल के मौजा-आसनपुर कुपहा में 38 डिसमिल जमीन आवंटित की गई है। यह आवंटन फिलहाल 10 वर्षों की निश्चित अवधि के लिए किया गया है।
आवंटित भूमि का विवरण:
- अंचल: किशनपुर
- मौजा: आसनपुर कुपहा
- खाता संख्या: 346
- खेसरा नंबर: 361
क्या है ‘बफल रेंज’ और इसके फायदे?
बफल रेंज एक आधुनिक फायरिंग अभ्यास क्षेत्र होता है, जिसे विशेष दीवारों और छतों (Baffles) के साथ इस तरह डिजाइन किया जाता है कि गोलीबारी के दौरान गोलियां निर्धारित क्षेत्र से बाहर न जाएं।
- सुरक्षित अभ्यास: इससे घनी आबादी या खुले क्षेत्रों के पास भी जवान पूरी सुरक्षा के साथ फायरिंग का अभ्यास कर सकते हैं।
- नियंत्रित वातावरण: यह इंडोर और आउटडोर का मिश्रण होता है, जिससे मौसम का असर प्रशिक्षण पर नहीं पड़ता।
- दक्षता में वृद्धि: जवानों को युद्धाभ्यास और निशाना लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय और सुरक्षित बुनियादी ढांचा मिलेगा।
सुरक्षा एजेंसियों को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने इस अवसर पर कहा:
”सुरक्षा बलों के लिए आधुनिक और सुरक्षित बुनियादी ढांचा तैयार करना हमारी प्राथमिकता है। केंद्र और राज्य की सुरक्षा एजेंसियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं मिलने से वे किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना प्रभावी ढंग से कर सकेंगी। सुपौल में बनने वाला यह बफल रेंज जवानों की कार्यक्षमता बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा।”
इस कदम से नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी जवानों को अपने मुख्यालय के समीप ही विश्वस्तरीय प्रशिक्षण की सुविधा मिल सकेगी, जिससे सीमा सुरक्षा तंत्र और अधिक सशक्त होगा।
