पटना। देश की पहली महिला शिक्षिका और महान समाज सुधारक सावित्रीबाई फूले की 129वीं पुण्यतिथि पर मंगलवार को राजधानी पटना में उन्हें याद किया गया। माली-मालाकार कल्याण समिति द्वारा आयोजित इस समारोह में वक्ताओं ने सावित्रीबाई फूले के संघर्षों और समाज के प्रति उनके योगदान पर प्रकाश डाला।
यातनाएं सहकर भी पीछे नहीं हटीं सावित्रीबाई
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि सावित्रीबाई फूले ने आजीवन समाज सुधार के लिए कार्य किया। उन्होंने कहा, “घोर विरोध और यातनाएं झेलने के बावजूद वे अपने अभियान से पीछे नहीं हटीं। चाहे नारी शिक्षा हो या महामारी के दौरान लोगों की सेवा, उन्होंने समाज के लिए अपने प्राणों की आहुति तक दे दी।”
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सरावगी ने आगे कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सावित्रीबाई फूले के ‘शिक्षित, संगठित और जागृत समाज’ की कल्पना को फलीभूत कर रहे हैं, जिसका परिणाम है कि आज देश की बेटियां हर क्षेत्र में परचम लहरा रही हैं।
नारी शिक्षा की नींव हैं सावित्रीबाई
बिहार सरकार के सहकारिता एवं वन-पर्यावरण मंत्री डॉ. प्रमोद चंद्रवंशी ने उनके कृतित्व को याद करते हुए कहा कि आज यदि हमारी माताएं, बहनें और बेटियां शिक्षा के प्रति सजग हैं, तो इसमें सावित्रीबाई फूले का सबसे अहम योगदान है। उनके विचारों को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
समाज सुधार की अलख
समारोह को संबोधित करते हुए दीघा विधायक संजीव चौरसिया ने कहा कि फूले दंपति (ज्योतिराव फूले और सावित्रीबाई फूले) आजीवन समाज के उत्थान के लिए संकल्पित रहे। वहीं, भाजपा प्रदेश मीडिया सह प्रभारी प्रभात मालाकार ने कहा कि सावित्रीबाई ने ‘सत्यशोधक समाज’ और महिला शिक्षा की जो ज्योति जलाई थी, उसी का परिणाम है कि आज समाज में समानता का बोध हो रहा है।
गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
समारोह की शुरुआत अतिथियों द्वारा सावित्रीबाई फूले की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर कल्याण समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार मालाकार, पूर्व विधान पार्षद आजाद गांधी, नागेंद्र रंजन मालाकार, पप्पू मालाकार, पंकज मालाकार, जितेंद्र मालाकार सहित सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे।
