पटना | राज्य सरकार के ‘सात निश्चय-3’ के अंतर्गत नागरिकों के जीवन को सुगम बनाने की दिशा में पटना जिला प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।
सातवें निश्चय “सबका सम्मान-जीवन आसान” (Ease of living) के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए जिलाधिकारी त्यागराजन एस एम पटना ने समाहरणालय में आम जनता से मुलाकात कर उनकी समस्याओं का त्वरित निष्पादन किया।
प्रमुख बिंदु:
जन-सुनवाई और समाधान: सीधा संवाद: जिलाधिकारी ने खुद 56 नागरिकों से मिलकर उनकी दैनिक जीवन से जुड़ी कठिनाईयों को सुना और संबंधित अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए।
विकेंद्रीकृत व्यवस्था: डीएम के अलावा जिले के सभी प्रखंडों, अंचलों, थानों और अनुमंडल कार्यालयों में भी अधिकारियों ने जनता की शिकायतों को सुना।
निर्धारित समय: आम जनता की सुविधा के लिए प्रत्येक सप्ताह के दो कार्यदिवस— सोमवार और शुक्रवार को शिकायत निवारण के लिए विशेष रूप से तय किया गया है।
“राज्य सरकार के निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा लक्ष्य है कि आम नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और उनका कार्य सुलभता से हो।”— जिलाधिकारी त्यागराजन एस एम, पटना
प्रशासनिक सजगता और निर्देश: जिलाधिकारी ने सभी स्तर के पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे अपने निर्धारित कार्य-स्थल और कार्यालय कक्ष में मौजूद रहकर जन-शिकायतों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें।
इसका मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक तंत्र को अधिक सजग और तत्पर बनाना है ताकि ‘Ease of Living’ का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके। अब नागरिक अपनी समस्याओं के लिए पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर तक सीधे अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।
