पटना | 27 फरवरी, 2026 बिहार में ‘हर घर नल-जल’ योजना की दम तोड़ती कड़ियों को जोड़ने और राज्यभर में इसकी बदहाल स्थिति को सुधारने के लिए बिहार विधानसभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने आज एक निर्णायक उच्चस्तरीय बैठक की।
विधायक मिथलेश तिवारी एवं अन्य सदस्यों द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण सूचना पर संज्ञान लेते हुए इस बैठक में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण (PHED), पंचायती राज, नगर विकास, राजस्व और ऊर्जा विभाग के मंत्रियों एवं आला अधिकारियों को तलब किया गया।
ग्राउंड रिपोर्ट: योजना की बदहाली पर बरसे सदस्य: बैठक में विधायकों ने जमीनी हकीकत बयां करते हुए बताया कि वार्ड स्तर पर नल-जल योजना की स्थिति अत्यंत दयनीय है।
प्रमुख समस्याएं: पाइप फटना, नलों का टूटा होना, बिजली बिल बकाया होने से मोटर बंद रहना और भूमि विवाद के कारण बोरिंग का संचालन रुकना।बड़ा मुद्दा: अनुरक्षकों (Operators) को मानदेय न मिलना इस योजना के विफल होने का सबसे बड़ा कारण बताया गया।
हस्तांतरण के समय खराब थीं 23 हजार से अधिक योजनाएं: विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, पंचायती राज विभाग द्वारा निर्मित 70,157 योजनाओं को जब PHED को सौंपा गया, तब उनमें से 23,302 योजनाएं पूरी तरह बंद थीं और 31,879 आंशिक रूप से चालू थीं।
वर्तमान में PHED निविदा के माध्यम से इनका सुदृढ़ीकरण, नई बोरिंग और मोटरों का अधिष्ठापन करा रहा है।
बजट और मरम्मत पर अहम निर्णय: बैठक में यह बात सामने आई कि प्रति योजना मरम्मत के लिए स्वीकृत ₹54,372 की राशि काफी कम है।
एक्शन: PHED मंत्री जल्द ही वित्त मंत्री के साथ बैठक कर इस राशि को बढ़ाने पर चर्चा करेंगे।बिजली बिल: बिजली विभाग ने स्पष्ट किया कि बिल बकाया होने के कारण कोई भी योजना बंद नहीं की गई है।
भूमि विवाद: जिन लोगों की निजी जमीन पर बोरिंग या टंकी है, उन्हें ‘अनुरक्षण राशि’ दिलाने के लिए 10 दिनों के भीतर जिलावार सर्वे कर रिपोर्ट मांगी गई है।अब पंचायत स्तर पर ही होगा समाधान
शिकायत यह थी कि पंचायत समिति की बैठकों में विभाग के तकनीकी कर्मचारी नहीं आते, जिससे स्थानीय समस्याएं लंबित रहती हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि अब तकनीकी कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य की जाएगी।
माननीय सदस्यों की भूमिका और समाधान का रास्ता: बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह रहा कि:
शिकायत पोर्टल: बिहार के सभी विधायक अपने क्षेत्र की नल-जल संबंधी शिकायतों की सूची विभाग को सौंपेंगे।
जिलावार समीक्षा: PHED मंत्री खुद जिलावार बैठकें करके इन शिकायतों का मौके पर निपटारा करेंगे।
बैठक में उपस्थिति: बैठक में PHED मंत्री श्री संजय कुमार सिंह, विधायक मिथिलेश तिवारी, विनय कुमार चौधरी सहित कई अन्य माननीय सदस्य और विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव व सचिव उपस्थित रहे।
