पटना | 31 मार्च 2026
बिहार सरकार ने राज्य में शहरी सौंदर्यीकरण और सुव्यवस्थित विकास के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निर्देशानुसार, 1 अप्रैल 2026 से पूरे प्रदेश में व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू होने जा रहा है। इस अभियान में विशेष रूप से भारत-नेपाल सीमा क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थलों पर फोकस किया जाएगा।
संवेदनशीलता के साथ होगा विकास: विजय कुमार सिन्हा
उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि सरकार का उद्देश्य केवल अतिक्रमण हटाना नहीं, बल्कि विकास को मानवीय दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाना है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि:
किसी भी गरीब या असहाय व्यक्ति का अतिक्रमण तब तक न हटाया जाए, जब तक उनके लिए वैकल्पिक रोजगार या पुनर्वास की व्यवस्था न हो जाए।
मुख्यधारा से पीछे छूटी आबादी के हितों की रक्षा करना सरकार की पहली प्राथमिकता है।
वेंडिंग जोन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद ही कार्रवाई की जाए।
सीमावर्ती क्षेत्रों (No Man’s Land) पर विशेष नजर
प्रधान सचिव श्री सी.के. अनिल द्वारा जारी आदेश में भारत-नेपाल सीमा से सटे सात जिलों के ‘नो मैन्स लैंड’ में बढ़ते अतिक्रमण पर गंभीर चिंता जताई गई है। अंतरराष्ट्रीय महत्व को देखते हुए इन क्षेत्रों में सर्वे ऑफ इंडिया के साथ मिलकर सीमांकन और अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाएगी।
जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश और मॉनिटरिंग
अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को कानूनी रूप से पारदर्शी बनाने के लिए विभाग ने नई कार्ययोजना तैयार की है:
जिम्मेदारी: अंचल अधिकारी (CO), भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) और अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) इस अभियान का नेतृत्व करेंगे। जिलाधिकारी अपीलीय प्राधिकारी होने के कारण सीधे तौर पर इसमें शामिल नहीं होंगे।
अभिलेख संधारण: सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अतिक्रमण वादों की सूची तैयार करें और नोटिस से लेकर कार्रवाई तक की स्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड रखें।
कानूनी आधार: यह पूरी कार्रवाई ‘बिहार लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम, 1956’ की धारा 6(1) और माननीय पटना उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत की जाएगी।
शहरी सौंदर्यीकरण के लिए बजट जारी
राज्य सरकार ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन और आवंटन भी जिलों को उपलब्ध करा दिए हैं। अभियान का मुख्य लक्ष्य यातायात को सुगम बनाना, स्वच्छता सुनिश्चित करना और नागरिक सुविधाओं को बेहतर करना है।
