Saturday, February 28, 2026
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दानापुर रेल मंडल कार्यालय की नाक के नीचे रेल यात्रियों से सरेआम अवैध वसूली; अधिकारियों का वरदहस्त!

दानापुर/खगौल: रेलवे प्रशासन के सुशासन और पारदर्शिता के दावों की धज्जियाँ खुद पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर रेल मंडल कार्यालय के ठीक बगल में उड़ाई जा रही हैं।

दानापुर रेलवे स्टेशन के उत्तरी बुकिंग काउंटर पर साधारण टिकट के नाम पर यात्रियों की जेब सरेआम काटी जा रही है, और विडंबना यह है कि यह सब कुछ आला अधिकारियों की नाक के नीचे हो रहा है।

क्या है पूरा मामला?:

ताजा मामला शुक्रवार की शाम का है, जब राम अयोध्या यादव नामक एक यात्री बेंगलुरु जाने के लिए टिकट लेने पहुँचे। टिकट की निर्धारित दर 655 रुपये थी, लेकिन काउंटर पर मौजूद रेलकर्मी ने उनसे दबंगई दिखाते हुए 670 रुपये वसूल लिए। जब यात्री ने रसीद और रेट लिस्ट का हवाला देते हुए अतिरिक्त 15 रुपये का हिसाब माँगा, तो उन्हें समझाने और डराने की कोशिश की गई।

अवैध वसूली का ‘सिंडिकेट‘: स्थानीय लोगों और दैनिक यात्रियों का आरोप है कि यह कोई छिटपुट घटना नहीं है, बल्कि एक सुनियोजित सिंडिकेट है।

प्रति टिकट ओवरचार्जिंग: हर टिकट पर 20 से 30 रुपये की अतिरिक्त वसूली अब यहाँ का ‘अघोषित नियम’ बन चुका है।

अधिकारियों की चुप्पी: यात्रियों का कहना है कि मंडल रेल प्रबंधक (DRM) कार्यालय चंद कदमों की दूरी पर होने के बावजूद, चेकिंग टीमें और पर्यवेक्षक इस लूट को अनदेखा कर देते हैं। इससे साफ संकेत मिलता है कि इस अवैध वसूली में नीचे से ऊपर तक अधिकारियों का वरदहस्त (संरक्षण) प्राप्त है।

मजबूर यात्री और रेल प्रशासन का मौन: अशिक्षित और दूर-दराज के गाँवों से आने वाले गरीब यात्री अक्सर विवाद से बचने के लिए चुपचाप अतिरिक्त पैसे दे देते हैं। काउंटर पर तैनात कर्मचारी इसी मजबूरी का फायदा उठाते हैं।

सवाल यह उठता है कि क्या दानापुर रेल मंडल के सतर्कता विभाग (Vigilance) की आँखें बंद हैं या वे भी इस भ्रष्टाचार के खेल में मूकदर्शक बने हुए हैं?निष्कर्ष: यदि समय रहते इन “टिकट दलालों के भेष में बैठे रेलकर्मियों” पर कार्रवाई नहीं हुई, तो भारतीय रेल की छवि और आम आदमी का भरोसा दानापुर स्टेशन के इन काउंटरों पर ही दम तोड़ देगा।

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