मोतिहारी/पटना | 25 मार्च 2026: पूर्वी चंपारण के कोटवा प्रखंड स्थित ऐतिहासिक गांधी ग्राम, जसौली पट्टी में तीन दिवसीय “चंपारण सत्याग्रह महोत्सव” का भव्य शुभारंभ हुआ। बिहार विधानसभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए दीप प्रज्वलित कर इस उत्सव का आगाज़ किया। यह महोत्सव कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में 27 मार्च तक आयोजित किया जा रहा है।
जनसभा को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि चंपारण की पावन धरती केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि संघर्ष और संकल्प का जीता-जागता प्रतीक है। उन्होंने कहा:
”यही वह भूमि है जहाँ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के अस्त्र से अंग्रेजी हुकूमत की चूलें हिला दी थीं। चंपारण सत्याग्रह केवल एक किसान आंदोलन नहीं था, बल्कि यह भारत की सोई हुई आत्मा की जागृति का शंखनाद था।”
डॉ. प्रेम कुमार ने वर्तमान परिप्रेक्ष्य में गांधीवादी मूल्यों पर जोर देते हुए कहा कि आज जब देश ‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है, तब सत्य, अहिंसा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक न्याय जैसे सिद्धांत पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने इतिहास और नायकों के बलिदान से प्रेरणा लेकर एक सशक्त और समावेशी समाज के निर्माण में योगदान दें।
अध्यक्ष ने जिला प्रशासन और सांस्कृतिक विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे महोत्सव नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने उन वीर किसानों और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया जिन्होंने नीलहे गोरों के अत्याचार के खिलाफ आवाज बुलंद की और देश की आजादी की नींव रखी।
जसौली पट्टी में आयोजित इस महोत्सव में भारी संख्या में स्थानीय लोग और गांधीवादी विचारक हिस्सा ले रहे हैं, जहाँ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से चंपारण की गौरवगाथा को जीवंत किया जा रहा है।
