Wednesday, February 18, 2026
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एआई से सशक्त हो रहा बिहार: India AI Impact Expo में दिखा डिजिटल लोकतंत्र और स्मार्ट गवर्नेंस का भविष्यवादी मॉडल

नई दिल्ली/पटना | 18 फरवरी 2026देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित ‘India AI Impact Expo 2026’ में बिहार ने अपनी तकनीकी प्रगति का लोहा मनवाया है। हॉल नंबर-5 के प्रथम तल पर स्थित ‘बिहार पवेलियन’ इस समय तकनीकी विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

यहाँ राज्य निर्वाचन आयोग और बिहार इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन एंड रूरल डेवलपमेंट (BIPARD) द्वारा संयुक्त रूप से प्रदर्शित डिजिटल गवर्नेंस के मॉडल ने यह साबित कर दिया है कि बिहार अब पारंपरिक प्रशासन से आगे निकलकर ‘स्मार्ट गवर्नेंस’ की राह पर है।

बुधवार को राज्यसभा सांसद श्री संजय कुमार झा और भारत सरकार के इस्पात सचिव श्री संदीप पौंड्रिक सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने पवेलियन का दौरा किया और बिहार की इस डिजिटल क्रांति की सराहना की।

लोकतंत्र का नया चेहरा: देश का पहला मोबाइल रिमोट ई-वोटिंग सिस्टमबिहार पवेलियन की सबसे बड़ी उपलब्धि मोबाइल आधारित रिमोट ई-वोटिंग सिस्टम रही। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा विकसित यह सिस्टम देश का पहला राज्य-स्तरीय प्रयोग है।

* किसे होगा फायदा: यह सिस्टम उन प्रवासी मतदाताओं, बुजुर्गों, दिव्यांगों और अस्पताल में भर्ती लोगों के लिए वरदान है जो बूथ तक नहीं पहुंच पाते।

* सुरक्षा: इसमें एआई (AI), फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) और ब्लॉकचेन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे वोट के साथ छेड़छाड़ असंभव है।

फर्जी वोटिंग पर ‘FRS’ का कड़ा पहरा: पवेलियन में प्रदर्शित ‘FRS आधारित वोटर वेरिफिकेशन ऐप’ ने सभी को प्रभावित किया। यह ऐप पुराने वोटर आईडी कार्ड की फोटो का भी सटीक मिलान कर सकता है और ऑफलाइन मोड में भी काम करता है। इससे बूथों पर होने वाली फर्जी वोटिंग पर पूरी तरह लगाम लगेगी।

AI से सटीक नतीजे: घंटों का काम मिनटों में: चुनाव परिणामों की घोषणा को तेज़ और सटीक बनाने के लिए AI आधारित OCR काउंटिंग सिस्टम पेश किया गया। यह तकनीक ईवीएम डिस्प्ले से सीधे डेटा कैप्चर करती है, जिससे मानवीय त्रुटि की गुंजाइश खत्म हो जाती है। बिहार के नगर पालिका और पंचायत चुनावों में इसका सफल प्रयोग पहले ही किया जा चुका है।

Bihar GenNext Lab: डेटा से बदल रहा है सुशासन का तरीकागया स्थित BIPARD परिसर में स्थापित ‘Bihar GenNext Lab’ ने अपने 7 डिजिटल कियोस्क के जरिए शासन का एक आधुनिक खाका पेश किया:

* Ask Aryabhat: यह एक विशेष एआई चैटबॉट है जो अधिकारियों को डेटा विश्लेषण और सुझाव देने में मदद करता है।

* डैशबोर्ड कियोस्क: यहाँ 45 विभागों और 38 जिलों का रियल-टाइम डेटा उपलब्ध है, जिससे योजनाओं की निगरानी आसान हो गई है।

* GIS मैपिंग: पंचायत स्तर तक के सरकारी संस्थानों की सटीक लोकेशन की जानकारी मिलती है।

* CollabNote: विभागों के बीच डिजिटल सहयोग और फीडबैक को सरल बनाता है।

राज्यसभा सांसद श्री संजय झा ने कहा, “बिहार ने मोबाइल ई-वोटिंग और डेटा-आधारित शासन का जो मॉडल पेश किया है, वह नए भारत के डिजिटल लोकतंत्र की दिशा तय करता है।

वहीं बिपार्ड के महानिदेशक डॉ. बी. राजेंद्र ने बताया कि हमारा उद्देश्य तकनीक-सक्षम और पारदर्शी व्यवस्था के जरिए बिहार को सुशासन के नए मानकों तक पहुँचाना है।

India AI Impact Expo में बिहार का प्रदर्शन यह स्पष्ट करता है कि राज्य अब केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता और नेतृत्वकर्ता बन चुका है। एआई आधारित ये पहल न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश के प्रशासनिक ढांचे के लिए एक ‘बेंचमार्क’ साबित होंगी।

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