G-HMMWBCZ928
Thursday, September 24, 2026
Homeबिहारबिहार में जमीन सर्वे की धीमी चाल पर सरकार सख्त, मंत्री ने...

बिहार में जमीन सर्वे की धीमी चाल पर सरकार सख्त, मंत्री ने कहा – 15 दिन में दें कार्ययोजना, खराब प्रदर्शन पर होगी कार्रवाई

बिहार में जमीन सर्वे की धीमी चाल पर सरकार सख्त, मंत्री ने कहा – 15 दिन में दें कार्ययोजना, खराब प्रदर्शन पर होगी कार्रवाई

पटना। बिहार में चल रहे विशेष भूमि सर्वेक्षण की सुस्त रफ्तार को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सख्त रुख अख्तियार किया है। विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कम प्रगति वाले जिलों और अंचलों को चेतावनी देते हुए 15 दिनों के अंदर विशेष कार्ययोजना प्रस्तुत करने का अल्टीमेटम दिया है।

बुधवार को विभागीय समीक्षा बैठक में मंत्री ने साफ कहा कि भूमि सर्वेक्षण सिर्फ जमीन नापने का काम नहीं है। यह रैयत के अधिकार की सुरक्षा से जुड़ा है। एक छोटी सी गलती भी भविष्य में बड़े भूमि विवाद और अपराध का कारण बन सकती है।

बिहार में विकास कार्यों को गति: CM ने कोसी बाढ़ प्रबंधन, 6-लेन एक्सप्रेस-वे और सोलर ऊर्जा परियोजनाओं की समीक्षा की

मंत्री की दो टूक – शुद्धता से समझौता नहीं, जवाबदेही तय होगी

डॉ. जायसवाल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि लक्ष्य पूरा करने की होड़ में अभिलेखों की शुद्धता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
“सर्वेक्षण ऐसा होना चाहिए जिस पर राज्य का रैयत विश्वास कर सके। सही रैयत, सही खेसरा, सही रकबा और सही चौहद्दी यही हमारा लक्ष्य है। गति के साथ गुणवत्ता और पारदर्शिता दोनों चाहिए।”
उन्होंने निर्देश दिया कि जो जिले और अंचल लक्ष्य से पीछे हैं, उनकी अलग से समीक्षा की जाए। उनसे धीमी प्रगति का कारण पूछा जाए। बिना ठोस कारण के लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारी-कर्मी अब अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकेंगे। ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई होगी, जबकि बेहतर काम करने वालों को पुरस्कृत किया जाएगा।

जमाबंदी सुधार में आवेदन का बहाना नहीं चलेगा, अभिलेख से खुद करें सुधार : सचिव

हर सोमवार खुलेगी प्रगति की पोल

सर्वेक्षण में पारदर्शिता लाने के लिए अब हर सोमवार नोडल अधिकारी को सभी जिलों की मौजावार रिपोर्ट देनी होगी। किस मौजा का काम किस चरण में अटका है – स्वघोषणा, खानापुरी, नक्शा, प्रारूप प्रकाशन, दावा-आपत्ति या अंतिम प्रकाशन – इसकी पूरी जानकारी डैशबोर्ड पर अपडेट रहेगी।

विभाग के सचिव जय सिंह ने भी लंबित दावा-आपत्तियों को लेकर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारी-वार पुराने मामलों की सूची बनाकर प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करने और मौजा में शिविर लगाकर रैयतों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने को कहा है।

गौरतलब है कि बिहार में जमीन विवाद के कारण ही सबसे ज्यादा आपराधिक घटनाएं होती हैं। ऐसे में सरकार इस विशेष सर्वेक्षण को विवाद खत्म करने और रैयतों को उनका हक दिलाने के लिए सबसे अहम मान रही है।

यह भी पढ़े

अन्य खबरे